Their Words, Their Voice

Ghazals, Nazms....

Thursday, August 04, 2005

मेरा जो हाल हो सो हो

Lyricist: Jigar Muradabadi
Singer: Ghulam Ali

मेरा जो हाल हो सो हो परत-ए-नज़र गिराए जा
मैं यों ही लाला-कश रहूँ तू यों ही मुसकुराए जा।

दिल के हर-एक गोशा में आग-सी इक लगाए जा
मुतरब-ए-आतिशी नवा हाँ इसी धुन में गाए जा।

जितनी भी आज पी सकूँ उज़्र न कर पिलाए जा
मस्त नज़र का वास्ता मस्त-नजर बनाए जा।

लुत्फ़ से हो कि कहर से होगा कभी तो रू-ब-रू
उसका जहाँ पता चले शोर वहीं मचाए जा।

इश्क को मुतमा-इन न रख हुस्न के एतमाद पे
वो तुझे आज़मा चुका तू उसे आज़माए जा।



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लाला = Flower
गोशा = Angle, Cell, Corner, Lobe, Privacy
मुतरब = मुतरिब = Singer
आतिशी = Of fire, Passionate
नवा = Sound
उज़्र = Excuse, Objection
मुतमा-इन = Satisfied, Content
एतमाद = ऐतमाद = Faith, Confidence

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1 Comments:

At 11/8/05 2:34 AM, Blogger vikash said...

I'm continuously reading this....and let me tell u that I love it.

 

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